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लोलार्क कुण्ड स्नान : आस्था और विश्वास की जीवंत तस्वीर

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वाराणसी केवल एक शहर नहीं, बल्कि विश्वास और धर्म की धड़कन है। यहाँ हर घाट, हर मंदिर, हर कुण्ड एक अनोखी परंपरा और आस्था को अपने भीतर समेटे हुए है। इन्हीं में से एक है लोलार्क कुण्ड , जहाँ स्नान करने के लिए लाखों श्रद्धालु देशभर से उमड़ते हैं। कहा जाता है कि यहाँ स्नान करने से संतान-सुख की प्राप्ति होती है। अस्सी घाट से लोलार्क कुण्ड की ओर कल रात करीब 9:30 बजे हम अस्सी घाट पहुँचे। वहाँ से 10 बजे लोलार्क कुण्ड स्नान के लिए लगी लाइन में शामिल हो गए। भीड़ इतनी अधिक थी कि अंदाज़ा लगाना मुश्किल था कि मंज़िल तक पहुँचने में कितना समय लगेगा। कोई कह रहा था 1 किलोमीटर, तो कोई 2 किलोमीटर लंबी लाइन। रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक हम सिर्फ 500 मीटर ही आगे बढ़ पाए। सोचिए, 8 घंटे में मुश्किल से 700 मीटर की दूरी! लेकिन भीड़ में किसी ने हार नहीं मानी। सभी धैर्यपूर्वक खड़े थे क्योंकि सबके मन में केवल एक ही जवाब था – “स्नान करना है।” आस्था का महासंगम तीन-तीन लाइनें बनी हुई थीं और सभी खचाखच भरी थीं। विवाहित जोड़े, बुज़ुर्ग महिलाएँ-पुरुष, युवा और बच्चे – सभी अपने संकल्पों और इच्छाओं के साथ आगे ब...

झोले में बच्चे की लाश लेकर DM ऑफिस पहुँचा पिता, अस्पताल पर लगाया गंभीर आरोप

लखीमपुर-खीरी (उत्तर प्रदेश): जिले में एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक पिता अपने नवजात बच्चे की लाश को झोले (बैग) में डालकर सीधे जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुँच गया। कार्यालय में पहुंचते ही वह फूट-फूटकर रोने लगा और अधिकारियों से गिड़गिड़ाते हुए बोला – 👉 “साहब! मेरी पत्नी बार-बार बच्चे को मांग रही है, उसे जिंदा कर दो…” पिता का आरोप पिता ने आरोप लगाया कि निजी गोल्डर अस्पताल में उसकी पत्नी की डिलीवरी के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने लगातार पैसे की मांग की। पहले 10 हजार रुपये सामान्य डिलीवरी के लिए मांगे गए, फिर 12 हजार रुपये सी-सेक्शन के लिए। जब पैसे कम पड़े तो स्टाफ ने और रुपये मांगे और इसी बहस में इलाज में देरी होती रही। आरोप है कि इस लापरवाही की वजह से नवजात की मौत हो गई और उसके बाद अस्पताल वालों ने बच्चे की लाश थमा दी और मां को बाहर निकाल दिया। DM ऑफिस में हंगामा बच्चे की लाश लेकर जैसे ही पिता DM ऑफिस पहुँचा, वहां मौजूद अफसर और कर्मचारी हैरान रह गए। पिता का रो-रोकर गिड़गिड़ाना हर किसी को विचलित कर गया। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने त...

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राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग का सख़्त रुख

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  कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा हाल ही में चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा है कि राहुल गांधी या तो अपने आरोपों को हलफ़नामे के साथ साबित करें या फिर देश से सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगें। ज्ञानेश कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा— "या तो हलफ़नामा देना होगा या देश से माफ़ी माँगनी होगी। कोई तीसरा विकल्प नहीं है। अगर 7 दिनों के अंदर हलफ़नामा नहीं मिलता है तो इसका मतलब है कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं।" उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बिना सबूत आरोप लगाने से जनता के बीच भ्रम फैलता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है। राहुल गांधी के आरोप राहुल गांधी ने हाल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि आयोग निष्पक्ष ढंग से काम नहीं कर रहा और सत्ताधारी दल को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुँचा रहा है। कांग्रेस नेता ने आयोग पर "दबाव में काम करने" की भी बात कही थी। चुनाव आयोग की यह सख़्त टिप्पणी आते ही राजनीति गरमा गई है...
बिहार के SIR में त्रुटि हटाने के लिए अभी भी 15 दिनों का समय बाकी है। ईसी सभी दलों और बीएलए को आह्वान करता है कि आने वाले 15 दिनों में सूची में त्रुटि को फॉर्म भरकर बताएं, सभी के लिए ईसी के दरवाजे खुले हैं। जमीनी लेवल पर सभी बीएलओ, बीएलए और मतदाता मिलकर काम कर रहे हैं। ये गंभीर चिंता का विषय है कि राजनीतिक दलों के बीएलए के द्वारा सत्यापित ये सूची के बारे में सूचना उनके हाईकमान के पास नहीं पहुंच पा रही है या भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है। - चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार।

आधार और राशन कार्ड पर नागरिकता का ठप्पा नहीं

सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा फैसला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि आधार कार्ड, राशन कार्ड या ऐसे किसी पहचान पत्र का होना अपने आप में नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यह सिर्फ एक पहचान का माध्यम है, नागरिकता का सबूत नहीं। यह मामला बिहार के “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” (SIR) से जुड़ा है, जिसमें वोटर लिस्ट की जांच के दौरान कुछ जीवित लोगों को मृत बताया गया था। आरजेडी सांसद मनोज झा के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि वोटर सूची में भारी गड़बड़ी है और कुछ लोगों को बिना पर्याप्त सबूत के सूची से बाहर किया जा रहा है। इसी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि आधार या राशन कार्ड के आधार पर नागरिकता तय नहीं हो सकती। याचिकाकर्ता योगेंद्र यादव ने तो यहां तक कर दिखाया कि जिनको “मृत” बताकर वोटर लिस्ट से हटाया गया था, उन्हें कोर्ट में जिंदा पेश कर दिया। जज ने इस तर्क को “शानदार” बताया। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की गंभीरता पर भी सवाल उठाती है। मुद्दा सिर्फ तकनीकी नहीं, लोकतंत्र की नींव से जुड़ा है। अगर हम नागरिकता की परिभाषा को सिर्फ दस्तावेज़ो...

औरैया में रक्षाबंधन पर रिश्तों का कत्ल!

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उत्तर प्रदेश के औरैया ज़िले में रक्षाबंधन की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। सुरजीत सक्सेना ने अपनी ही चचेरी बहन के साथ रेप किया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उस वक्त घर के सभी सदस्य बाहर थे, जिसका उसने बेरहमी से फायदा उठाया। दरिंदे को क्राइम पेट्रोल देखने की आदत थी, इसलिए वारदात के बाद उसने पहले सबूत मिटाने की कोशिश की और फिर पुलिस को गुमराह करने का खेल खेला। लेकिन सच ज़्यादा देर छुप नहीं सका और रिश्तों को कलंकित करने वाला यह हैवान कानून के शिकंजे में आ गया।

टॉपर बेटा फ्रॉड को नहीं पहचान पाया… अयोध्या में ब्लैकमेलिंग के शिकार छात्र की मौत | खबरी भैया

"मेरा बेटा टॉपर था… लेकिन फ्रॉड को नहीं पहचान पाया!" अयोध्या से आई ये खबर किसी फिल्मी कहानी जैसी लग सकती है, लेकिन ये हकीकत है — एक बाप की चीख, एक बेटे की चुप मौत… और सिस्टम का सोता हुआ कानून। अयोध्या के जनौरा में रहने वाले रूपेश कुमार सिंह ने अपने इकलौते बेटे उत्कर्ष सिंह को खो दिया। 24 जुलाई को उत्कर्ष ने ज़हर खा लिया था, और 25 जुलाई को लखनऊ के चंदन हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। रूपेश सिंह का आरोप है कि उनके बेटे को कुछ साइबर स्कैमर्स ने ब्लैकमेल किया। जब वो खुद 23 जुलाई को जयपुर गए थे अपने मित्र के बेटे का एडमिशन कराने, उसी दौरान स्कैमर्स ने उत्कर्ष को टारगेट किया और ₹10 लाख की मांग की।  28 जुलाई को उत्कर्ष के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फिर व्हाट्सएप कॉल आई। जब कॉल करने वाले को बताया गया कि उत्कर्ष अब इस दुनिया में नहीं है, तो वो नंबर बंद कर दिया गया।  जांच में जो बातें सामने आईं वो और भी चौंकाने वाली हैं: एक शख्स रुद्रमणि त्रिपाठी लगातार उत्कर्ष को कॉल करता रहा ₹37,000 की राशि रितिक राठौर / श्री जी इंटरप्राइजेज के खातों में ट्रांसफर हुई कई बैंकों में लोन...