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धनंजय सिंह: जौनपुर की राजनीति का 'भौकाल' चेहरा

खबरी भैया ऑफिशल, जौनपुर|    जौनपुर की सियासत में अगर किसी नाम का सबसे ज़्यादा चर्चा होता है, तो वो है धनंजय सिंह । दो बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके धनंजय सिंह न सिर्फ़ राजनीतिक रूप से मज़बूत हैं, बल्कि आम जनता के बीच भी उनकी पकड़ कमाल की है। काम के साथ लोकप्रियता भी धनंजय सिंह उन गिने-चुने नेताओं में से हैं जो जनता की बात सुनते भी हैं और उसका जवाब भी देते हैं । शुरुआती समय में उन्होंने कई ज़मीनी मुद्दों पर काम भी किया है और उनके समर्थक आज भी उन्हें “काम दिखाने वाला नेता” मानते हैं। श्री कला रेड्डी: जिला पंचायत की ताकत उनकी पत्नी श्री कला रेड्डी इस समय जौनपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, जो यह दर्शाता है कि परिवार की पकड़ राजनीति में लगातार बनी हुई है। पंचायत से लेकर संसद तक उनकी पकड़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। रील्स और रुतबा अब की राजनीति में सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है और धनंजय सिंह इसमें पीछे नहीं हैं। रील्स का ज़माना है और वह भी रील लाइफ में काफी मस्त रहते हैं । समर्थक उनके हर रील को 'भौकाल' मानकर शेयर करते हैं। यही वजह है कि वो सोशल मीडिया पर भी एक चर्...

जौनपुर की शिक्षा में गर्व का क्षण

 जौनपुर , खबरी भैया ऑफिशल ।  प्रतिभा द्विवेदी बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर (MPPSC चयन) तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर के वाणिज्य विभाग की शोध छात्रा प्रतिभा द्विवेदी ने MPPSC परीक्षा में चयनित होकर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर सफलता हासिल की है। यह न सिर्फ उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि टी.डी. कॉलेज के लिए एक गर्व का पल है।  इस सफलता पर विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार राहुल ने प्रसन्नता जताई।  प्राध्यापक डॉ. विशाल सिंह व डॉ. अवनीश कुमार ने बधाई देते हुए कहा – "यह उपलब्धि आने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति समर्पण और मेहनत की प्रेरणा देगी।"  खबरी भैया परिवार की ओर से प्रतिभा को ढेरों शुभकामनाएं।

जौनपुर: पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़, एक घायल हालत में गिरफ्तार

जफराबाद (जौनपुर)  जिले के जफराबाद थाना क्षेत्र में बीती रात पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक तस्कर घायल हो गया, जिसे मौके से गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ शातिर गौ तस्कर क्षेत्र में सक्रिय हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की, लेकिन संदिग्धों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को गोली लगी। ✔ घायल तस्कर पर कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार तस्कर के खिलाफ कई जिलों में संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। मौके से पुलिस ने एक तमंचा , जिंदा कारतूस , कुछ नगदी , और बाइक बरामद की है। ✔ फरार तस्करों की तलाश जारी घटनास्थल से अन्य आरोपी भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच भी जांच में जुट गई है। 📌 पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया जाएगा। 🔴 ताज़ा खबरों और लोकल अपडेट्स के लिए पढ़ते रहिए – [ ...

थाली और हथेली

✍️ खबरी भैया ऑफिसियल स्टेशन की भीड़ अपने ही किनारे में डूबी हुई थी। किसी को घर पहुंचना था, किसी को काम पर जाना था। गर्मी थी, घटिया, और वक़्त की आपाधापी में इंसानियत कहीं कोने में थी। सत्यनिष्ठ बीच, एक वृद्ध - झुकी हुई कमर, फटी कमीज़, और ढाँसी आँखों के साथ - मंच के किनारे धीरे-धीरे चल रहा था। उन्होंने कुछ नहीं बोला था, बस पॉलीथिल आगे कर देता है। भीख नहीं माँगता था - अपेक्षित माँगता था। इंसान से इंसानियत की एक झलक। कुछ ने देखा, पर अनावरण किया। कुछ ने मुँह फेर लिया। किसी ने डाँटकर भाग दिया - "चल हट, काम कर! हर किसी से पैसा माँगता है!" बुजुर्ग बुजुर्ग आगे बढ़े। ना कुछ माँगा, ना कुछ कहा - बस अपनी गोलियों को और अंदर खींच लिया। शाम को उसी शहर में एक मंदिर की घंटियों से गूंज रही थी। आरती का समय था. पुजारी ने थाली में दीप जलाया, कपूर ने रखा, और भगवान के सामने भक्ति के साथ थाली कुखाई। आरती के बाद वही थाली समर्थकों की ओर से प्रकाशित हुई। लोग श्रद्धा से झुके, हाथ जोड़ा, और वह थाली में दान डाला - सिक्का, नोट, फूल... मन से भक्ति और थाली में उतर गए। आदर्श पर वह वृद्ध व्यक्ति था। उ...

शहजाद बना ‘इंस्पेक्टर साहब’… इकरा से ब्याह रचाया… अब बरेली जेल में बस्ता खोल रहा है!

 बरेली, उत्तर प्रदेश | खबरी भैया ऑफिशल  ये कहानी है शहजाद की… मोहब्बत में डूबे एक बेरोजगार नौजवान की… जो अफसर तो नहीं बन सका, मगर अफसर बनकर धोखा ज़रूर दे बैठा। शहजाद, जो B.Com पास है, मोहल्ले की लड़की इकरा से प्यार करता था। इकरा के घरवालों की शर्त थी – "सरकारी अफसर दामाद चाहिए।" अब क्या करता बेचारा शहजाद… कोचिंग नहीं, यूट्यूब से ही CGL और दरोगा भर्ती की तैयारी में जुट गया। फॉर्म भरा, एग्जाम दिया… लेकिन पास न हो सका। लेकिन तभी उसके हाथ एक फर्ज़ी मौका लग गया — CGL लिस्ट में 2643वें नंबर पर एक नाम था: शहजाद अंसारी। नाम मिलते ही इसने खुद को GST इंस्पेक्टर मान लिया। 👉 मिठाई बंटवाई 👉 दोस्तों को पार्टी दी 👉 लोकल मीडिया में इंटरव्यू छपवा लिया 👉 यहां तक कि पुलिस वर्दी खरीदकर, फर्जी आईडी भी बनवा ली! इकरा के घरवालों को लगा दामाद सरकारी अफसर है — शादी कर दी गई। लेकिन शादी के बाद न कोई जॉइनिंग, न ऑफिस। और ऊपर से घर में रुपये-पैसे की तंगी शुरू हो गई। तब जाकर परिवार को शक हुआ। पुलिस ने जब जांच की, तो पूरा मामला खुल गया। न नौकरी, न जॉइनिंग, न अफसर – निकला बस एक धोखेबाज़ लड़का। अब ...

जिंदगी: खुली किताब या पेचीदा पहेली?

  'खबरी भैया'     अरे भैया, बात सीधी सी है – जिंदगी दिखती तो है जैसे खुली किताब हो, लेकिन जब पढ़ने बैठो न, तो समझ में आता है कि ये किताब नहीं, रहस्य उपन्यास है! कभी-कभी तो लगता है सब कुछ सेट है – टाइम पे उठो, काम पे जाओ, शाम को चाय पियो और रात को चैन की नींद सो जाओ। लेकिन जनाब, ये जिंदगी है, Netflix की वेब सीरीज़ नहीं , जो स्क्रिप्ट के हिसाब से चले! अगले ही पल कुछ ऐसा हो जाता है कि जो सीधा-सपाट रास्ता था, वो मुरझाए हुए नक्शे की तरह उलझ जाता है। एकदम आम सी लगने वाली ज़िंदगी कब गले में पड़ने वाली गांठ बन जाए, पता ही नहीं चलता। एक दिन हंसी-ठिठोली, दूसरे दिन टेंशन का तूफ़ान। और इन सबसे ऊपर – 'अब आगे क्या?' वाला सवाल हमेशा सिर पर बैठा रहता है। लेकिन यही तो असली मजा है भैया! अगर सब कुछ पहले से पता चल जाए तो जिंदगी में रोमांच कहां बचेगा? जो पल जैसे आए, उसे वैसे ही जीने का नाम ही तो असली 'ज़िंदगी' है। तो बस चलिए, जिंदगी की इस खुली-बंद किताब को हर रोज़ के नए पन्ने की तरह पढ़ते रहिए। कभी मुस्कराकर, कभी आंसू बहाकर – लेकिन रुकिए मत , क्योंकि 'खेल अभी बाकी है मे...