झोले में बच्चे की लाश लेकर DM ऑफिस पहुँचा पिता, अस्पताल पर लगाया गंभीर आरोप
लखीमपुर-खीरी (उत्तर प्रदेश):
जिले में एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक पिता अपने नवजात बच्चे की लाश को झोले (बैग) में डालकर सीधे जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुँच गया। कार्यालय में पहुंचते ही वह फूट-फूटकर रोने लगा और अधिकारियों से गिड़गिड़ाते हुए बोला –
👉 “साहब! मेरी पत्नी बार-बार बच्चे को मांग रही है, उसे जिंदा कर दो…”
पिता का आरोप
- पिता ने आरोप लगाया कि निजी गोल्डर अस्पताल में उसकी पत्नी की डिलीवरी के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने लगातार पैसे की मांग की।
- पहले 10 हजार रुपये सामान्य डिलीवरी के लिए मांगे गए, फिर 12 हजार रुपये सी-सेक्शन के लिए।
- जब पैसे कम पड़े तो स्टाफ ने और रुपये मांगे और इसी बहस में इलाज में देरी होती रही।
- आरोप है कि इस लापरवाही की वजह से नवजात की मौत हो गई और उसके बाद अस्पताल वालों ने बच्चे की लाश थमा दी और मां को बाहर निकाल दिया।
DM ऑफिस में हंगामा
- बच्चे की लाश लेकर जैसे ही पिता DM ऑफिस पहुँचा, वहां मौजूद अफसर और कर्मचारी हैरान रह गए।
- पिता का रो-रोकर गिड़गिड़ाना हर किसी को विचलित कर गया।
- मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत DM को सूचना दी।
प्रशासन की कार्रवाई
- जिलाधिकारी ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए गोल्डर अस्पताल को सील करने का आदेश दिया।
- अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को जिला महिला अस्पताल में शिफ्ट कराया गया।
- जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
- यह घटना दिखाती है कि कैसे निजी अस्पतालों में लापरवाही और पैसों की लालच ने एक मासूम की जान ले ली।
- पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने मजबूर होकर DM दफ्तर तक पहुंच गया।
- प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की, लेकिन यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी सवाल खड़ा करता है।
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