राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग का सख़्त रुख
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा हाल ही में चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा है कि राहुल गांधी या तो अपने आरोपों को हलफ़नामे के साथ साबित करें या फिर देश से सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगें।
ज्ञानेश कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा—
"या तो हलफ़नामा देना होगा या देश से माफ़ी माँगनी होगी। कोई तीसरा विकल्प नहीं है। अगर 7 दिनों के अंदर हलफ़नामा नहीं मिलता है तो इसका मतलब है कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं।"
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बिना सबूत आरोप लगाने से जनता के बीच भ्रम फैलता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।
राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने हाल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि आयोग निष्पक्ष ढंग से काम नहीं कर रहा और सत्ताधारी दल को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुँचा रहा है। कांग्रेस नेता ने आयोग पर "दबाव में काम करने" की भी बात कही थी।
चुनाव आयोग की यह सख़्त टिप्पणी आते ही राजनीति गरमा गई है।
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने जो सवाल उठाए हैं, वे जनता की आवाज़ हैं और उन पर जवाब मिलना चाहिए।
वहीं, भाजपा ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा है कि वे बिना सबूत संस्थाओं को बदनाम करने की आदत डाल चुके हैं और अब उन्हें देश से माफ़ी माँगनी ही होगी।
अब सबकी नज़रें राहुल गांधी की अगली रणनीति पर हैं। क्या वे सबूत के तौर पर हलफ़नामा देंगे या चुनाव आयोग के दबाव को "राजनीतिक हथकंडा" बताते हुए पलटवार करेंगे—यह अगले कुछ दिनों में साफ़ होगा।
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