"खबरी भैया" आगरा वाला ‘डिलीवरी घोटाला’
भैया, अब सुनिए यूपी के आगरा से आई ऐसी ख़बर जो सुनके डॉक्टर भी माथा पकड़ लें, और सरकार भी शरमा जाए!
मंच सज चुका है: लोकेशन — फतेहाबाद CHC, आगरा
अब कहानी में एंट्री होती है एक महिला की, जिनके नाम पर सरकारी कागजों में... ढाई साल में 25 बार बच्चा जनने की इंट्री मिलती है। हां भई, 25 डिलीवरी! और तो और, 5 बार नसबंदी भी करवा ली — एक ही महिला ने!
अब सवाल उठता है —
"भाभीजी, ये करिश्मा कैसे हुआ?"
तो जवाब मिलता है — "मौसम नहीं सिस्टम बदला है!"
असल में ये कोई चमत्कार नहीं, ये है सरकारी रिकॉर्ड का बड़ा फर्जीवाड़ा!
जननी सुरक्षा योजना और नसबंदी प्रोत्साहन योजना में घोटाला कर डाला — 45,000 रुपये की ठगी, एक महिला के नाम पर!
डॉक्टर-आशा बहुएं मिलकर सरकार की आंख में धूल झोंक रहे थे, और खाते में घुसा रहे थे पैसे — भाभीजी को बिना बताए!
अब CMO साहब (डॉ. अरुण श्रीवास्तव) ने केस पकड़ा है और जांच बिठा दी है —
"ये तकनीकी गलती है या जानबूझकर किया गया खेल? दोषी मिला तो छुट्टी तय है!"
खबरी भैया का तंज़:
"सिस्टम ऐसा चला कि भाभीजी को भी पता नहीं चला — कब बच्चा हुआ, कब नसबंदी हुई, और कब उनके नाम पर पैसा हज़म कर लिया गया!"
आख़िरी बात:
भैया, जननी सुरक्षा के नाम पर अगर ऐसा "जन-सुरक्षा संकट" होता रहा, तो सिस्टम की डिलीवरी भी ICU में चली जाएगी!
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